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Tag Archives: Mandi

हिमनद या फिर हिमानी, बस्ते जहां भोले बर्फानी, नदियां करती कल कल, यही है मेरा हिमाचल, भोले यहाँ के लोग, मीठे उनके बोल, जहां खुशियाँ हैं हरपाल, यही है मेरा हिमाचल, पहाड़ों से वीर यहाँ, इसके जैसा स्वर्ग कहाँ, देव बसते हैं जहां आकर, यही है मेरा हिमाचल, सेब-नाशपती के बाग, या सारसो का साग, हरकुछ मेल यहाँ पर, यही है मेरा हिमाचल, धाम यहाँ की पहचान, और सिड्डु का भी है नाम, दिल मोहते फूल और फल, यही है मेरा हिमाचल, कांगड़ा मंडी या शिमला किन्नौर , सोलन हमीरपुर देश के सिरमौर, तत्पर है सूरज नया उगने को कल, यही है मेरा हिमाचल, ऊना बिलासपुर की अब लोर, चले नई किरण की ओर, कुल्लू चंबा स्पीति लाहुल, यही है मेरा हिमाचल, यही है मेरा हिमाचल!!!! यह कविता ऋषभ शर्मा द्वारा लिखी गई है। साथ ही इस कविता में उपस्थित चित्र भी उन्होंने ही उपलब्ध कराए हैं। हमें उम्मीद है कि आपको यह कविता पसंद आई होगी।  

हिमाचल प्रदेश भारतीय संघ के पहाड़ी राज्यों में से एक है। 70 लाख की आबादी होने की वजह से हर जगह संसाधनों को वितरित करना और उन स्थानों की यात्रा करने के लिए उचित परिवहन अवसंरचना आवश्यक है। हिमाचल प्रदेश के लोगों के लिए बसें परिवहन के मुख्य माध्यमों में से एक हैं। अब दोनों सार्वजनिक और निजी बसें दूर-दूर के क्षेत्रों तक पहुंच रही हैं और इन स्थानों की अर्थव्यवस्था को चलाने के लिए वे काफी महत्वपूर्ण हैं। इसलिए आज हम एचआरटीसी: हिमाचल रोडवेज ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन के बारे में बात करेंगें। तो आइए जानते हैं एचआरटीसी के बारे में यह 10 बातें: 1. एचआरटीसी का नारा सुरक्षित सेवा, विनम्र सेवा है। 2. निगम को संयुक्त रूप से पंजाब सरकार, हिमाचल प्रदेश और रेलवे द्वारा 1958 में मंडी-कुल्लू रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन द्वारा स्थापित किया गया था। 3. 2 नवंबर 1974 को, निगम पूरी तरह से हिमाचल प्रदेश की सरकार को सौंप…

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लाहौल-स्पीति तथा मंडी जिले के कुछ गांवों ने मतदान का बहिष्कार किया। उदयपुर में सालपत गांव , लाहौल-स्पीति जिले के दारचा के योचे गांव और मंडी जिले में संधोल के लोग अपनी मांगे  पूरा नहीं होने से परेशान हैं। लाहौल-स्पीति जिले में दो पंचायतों के निवासी और मंडी जिले के संधोल क्षेत्र के लोग चुनाव का बहिष्कार करेंगे क्योंकि उनका कहना है कि उनकी मांग अभी भी अधूरी है। कई वर्षों से उनके गांव के लिए जाने वाली सड़क का निर्माण अभी तक अधूरा है। उदयपुर पंचायत प्रधान मणि देवी ने thetribune को बताया, “लोग नाराज हैं और वे अपने फैसले पर अडिग हैं। हालांकि, मैंने उन्हें वोट देने के लिए उन्हें प्रोत्साहित करने कोशिश की है। ” योचे गांव के लोग अपने घरों के निर्माण के लिए सुरक्षित जगह पर भूमि देने मांग कर रहे थे।आपको बता दें कि यह गांव सर्दियों और पिछले वर्ष के दौरान हिमस्खलन से ग्रस्त…

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Well Done Music Festival is first Music Festival of its kind to take place in Himachal Pradesh. As the name goes, the main motive behind organizing this festival is to celebrate and share the achievements and progress made in the field of music by Himachali artists. Here are 6 reasons why you shouldn’t miss the Well Done Music Festival 1. The festival will be the first of its kind in Himachal. Well Done Music Festival is going to take place at Mandi is a bold initiative by Zenas Productions which is based out of Mandi. Mandi town is a perfect spot for such an event as it lies at a perfect distance from major towns of Himachal like Manali, Kullu, Shimla and Solan. The festival will be a grand party where crowd will get to enjoy and experience a world of different music genres coming together at the very same venue.…

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Well Done Music Festival is first Music Festival of its kind to take place in Himachal Pradesh. As the name goes, the main motive behind organizing this festival is to celebrate and share the achievements and progress made in the field of music by Himachali artists. The festival also features some National level well renowned DJ’s and bands to showcase their talent and entertain the audience. The festival is an brainchild of Zenas Productions, which is a renowned name in Himachal Music Industry. It is led by 2 talented folks, founder Shaan Gupta, who is also a Music Producer as well as a DJ, and Co-founder, Anurag Vashisht, who is also a director but a Singer at his core. Site of the Event: The festival will take place at Hotel River Bank, which is located on NH-21(Kullu-Manali Highway). They have a big lawn and huge hall to entertain such event…

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हिमाचल प्रदेश की समुद्र तल से ऊंचाई 350 मीटर से 7,000 मीटर के बीच के लगभग है। हिमाचल प्रदेश को तीन प्रकार की पर्वत श्रृंखलाओं में बांटा गया है। 1. निम्न पर्वत श्रेणी – इस पर्वत श्रेणी को शिवालिक पर्वत के नाम से भी जाना जाता है। शिवालिक शब्द का अर्थ है शिव की जटाएं । इस क्षेत्र की समुद्र तल से ऊंचाई 350 मीटर से 1500 मीटर तक है। प्राचीन काल में शिवालिक पर्वत को मानक पर्वत के नाम से जाना जाता था। इस क्षेत्र में औसत वार्षिक वर्षा 1500 mm से 1800 mm के बीच होती है। हिमाचल प्रदेश के निम्न पर्वत श्रेणी में कांगड़ा उना, हमीरपुर, बिलासपुर, मंडी, सोलन और सिरमौर के निचले शेत्र आते आते हैं। 2. मध्य पर्वत श्रेणी– इस पर्वत श्रृंखला पर्वत श्रृंखला में सिरमौर जिले के रेणुका, मंडी जिला के करसोग, चंबा की चूराहा और कांगड़ा के ऊपरी भाग जैसे पालमपुर तहसील आदि शामिल…

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हिमाचल प्रदेश लोकसेवा आयोग की ALLIED सर्विस परीक्षा में मंडी की शिवाली ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। शिवानी ने पहली बार अलाइड परीक्षा दी थी। शिवाली को तहसील कल्याण अधिकारी का पद मिला। शिवाली ने अमर उजाला अखबार को बताया कि उन्होंने अलाइड सर्विस की परीक्षा के कोचिंग नहीं सिर्फ सेल्फ स्टडी से यह सफलता हासिल कि है। image source उन्होंने कहा कि अब उनका अगला लक्ष्य एचएएस और आईएएस की परीक्षा है। इसके लिए उन्होंने मेहनत अभी शुरु कर दी हैं। शिवाली ने प्रदेश के युवाओं से आह्वान किया कि वे किसी भी परीक्षा की तैयार कर रहे हैं तो सेल्फ स्टडी को महत्व दें। शिवाली की पढ़ाई SBM महाजन बाजार स्कूल मंडी से हुई है। उसके बाद दसवीं डीएवी मौहल (कुल्लू) से की। जमा दो डीएवी स्कूल खलियार से की। बीएससी डीएवी कॉलेज चंडीगढ़ और Msc पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ से की है। हमें शिवाली…

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हिमाचल प्रदेश को देवभूमि भी कहा जाता है। ऐसा इसलिए कहा जाता है क्योंकि यहां पर बहुत सारे देवी देवताओं के मंदिर है। जिनका अपना एक पुराना इतिहास है। यही कारण है कि हिमाचल प्रदेश अपनी वास्तु कला के लिए भी प्रसिद्ध है। वास्तु कला में हिमाचल प्रदेश को मंदिर की छत के आकार के आधार पर स्तूपाकार, शिखर, गुंबदाकार, पगौड़ा , बंदछत शैली और समतल शैली में बांटा गया है। 1) स्तूपाकार शैली Image Source इस शैली में बने अधिकतर मंदिर शिमला जिले में स्थित है। शिमला के हाटकोटी के राजेश्वरी मंदिर और शिव मंदिर को इस शैली मे बनाया गया है। जुब्बल क्षेत्र में अधिकतर मंदिर की शैली के बने हैं। ‌2) शिखर शैली   इस शैली से बने मंदिरों की छत का उपरी हिस्सा पर्वत की तरह चोटीनुमा होता है ।कांगड़ा जिले के बहुत से मंदिर इस शैली में बने हैं। कांगड़ा का मशहूर मसरूर रॉक कट मंदिर भी इसी शैली में बना है।…

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Image source केसीसी बैंक क्लर्क की परीक्षा को रद्द कर दिया गया है। कई केंद्रों पर इस परीक्षा को दोबारा करने का फैसला लिया गया है। जिला मंडी के वल्लभ कॉलेज में केसीसी बैंक क्लर्क की परीक्षा देने पहुंचें अभ्यर्थियों को प्रश्रपत्रों न मिलने के कारण बिना परीक्षा दिए ही लौटना पड़ा। परीक्षा न दे पाने पर अभ्यर्थी भड़क गए। अभ्यर्थियों की भीड़ को शांत करने के लिए पुलिस बल को मौके पर बुलाना पड़ा। Image source विद्यार्थियों ने केसीसी बैंक क्लर्क की परीक्षा को केंसल करने की मांग की है। अभ्यर्थियों कहना है कि यह परीक्षा बोर्ड से न करवाकर आईबीपीएस अथवा एचपीपीसी के तहत ली जानी चाहिए।    

‘Anurag Vashisht’, is a young talented artist from Choti Kashi i.e. Mandi town of Himachal Pradesh. Most of you know him from his hit track “Tum na rahi“, which has more than 116k views on Youtube till date ands 1ook+ mp3 download. After the success of his debut single, he started working on his debut album which took almost an year to complete. Now he is all set to release the album and videos for the songs will be launched in within short intervals from one another. The teaser of the track is out and it will be followed by the actual video of the cover for the hit song titled “Me fir bhi tumko chahunga“. It looks promising and is featuring a female artist called “Charu Kashyap“, who is both talented and beautiful. Let us talk more about Anurag, his beginnings and most importantly his latest album. As mentioned…

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10/12