पढ़िए हिमाचल पर लिखी गई यह खुबसूरत कविता जिसका शीर्षक है “यही है मेरा हिमाचल”

हिमनद या फिर हिमानी, बस्ते जहां भोले बर्फानी, नदियां करती कल कल, यही है मेरा हिमाचल, भोले यहाँ के लोग, मीठे उनके बोल, जहां खुशियाँ हैं हरपाल, यही है मेरा हिमाचल, पहाड़ों से वीर यहाँ, इसके जैसा स्वर्ग कहाँ, देव बसते हैं जहां आकर, यही है मेरा हिमाचल, सेब-नाशपती के बाग, या सारसो का साग, हरकुछ मेल यहाँ पर, यही है मेरा हिमाचल, धाम यहाँ की पहचान, और सिड्डु का भी है नाम, दिल मोहते फूल और फल, यही है मेरा हिमाचल, कांगड़ा मंडी या शिमला किन्नौर , सोलन हमीरपुर देश के सिरमौर, तत्पर है सूरज नया उगने को कल, यही है मेरा हिमाचल, ऊना बिलासपुर की अब लोर, चले नई किरण की ओर, कुल्लू चंबा स्पीति लाहुल, यही है मेरा हिमाचल, यही है मेरा हिमाचल!!!! यह कविता ऋषभ शर्मा द्वारा लिखी गई है। साथ ही इस कविता में उपस्थित चित्र भी उन्होंने ही उपलब्ध कराए हैं। हमें उम्मीद है कि आपको यह कविता पसंद आई होगी।  

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जानिए प्राचीन हिमाचल की 7 महत्वपूर्ण रियासतों के बारे में

हिमाचल प्रदेश (शाब्दिक रूप से “हिमपात भूमि) यह उत्तरी भारत में स्थित भारत का एक राज्य है। यह उत्तर में जम्मू और कश्मीर, पश्चिम में पंजाब और चंडीगढ़, दक्षिण-पश्चिम में हरियाणा, दक्षिण-पूर्व में उत्तराखंड और पूर्व में तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र स्थित है। पुराने समय में हिमाचल प्रदेश पांच महत्वपूर्ण रियासते थी जिसमें जिसमें कहलूर, हूण्डर, महासू, त्रिगर्त, कलिंद, कुलुतादेस , सुकेत  मुख्य रियासते थी। 1) त्रिगर्त एक प्राचीन हिमाचल की सबसे बड़ी रियासत थी जिसे आज के समय में कांगड़ा कहा जाता है। इस रियासत में मुख्यतः कांगड़ा ऊना और हमीरपुर का भाग आता…

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