शिमला आने वाले पर्यटकों के लिए खुशखबरी, रेलवे ने लिया यह बेहतरीन निर्णय…

Image Source Tumuskura शिमला सर्दियों का सीजन शुरू होते ही बर्फबारी को देखने शिमला आने वाले पर्यटकों का तांता लग जाता है। इस बात को ध्यान में रखते हुए  रेलवे न पर्यटकों को खास तोफा दिया है। उत्तर रेलवेे अब पर्यटकों के लिए 2 नई ट्रेनें चलाएगा। इस खबर की पुष्टि उत्तर रेलवे के सोलन रेलवे स्टेशन मास्टर कमलेश चंद्र ने की है। स्टेशन मास्टर कमलेश चंद्र ने बताया कि यह 2 विशेष ट्रेन दिसंबर और जनवरी माह के बीच चलेगी। उन्होंने कहा कि करीब 15 दिसंबर से दोनों ट्रेनें सुचारू…

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रोहतांग दर्रा अगले साल तक गाड़ियों के लिए बंद। चंडीगढ़ में पारा गिरने की गुंजाइश..

रोहतांग दर्रे में बुधवार को इस सीजन की पहली बर्फबारी हुई, इस बर्फबारी के साथ ही अगले साल तक गाड़ियों के आने जाने के लिए रोहतांग दर्रा बंद कर दिया गया। पैदल यात्री और गुजरने वाले स्थानीय लोगों और पर्यटकों की सुरक्षा के मध्यनजर रखते हुए यहां दो बचाव चौकियां भी बना दी गई हैं। इन बचाव चौकियों में पुलिस और अन्य दस्तों के 9-9 कर्मचारी भी तैनात रहेंगे। लगाता समाचार पाने के लिए हमारे facebook group onehimachal से जुड़िए । Image Source @sinhasougata यह भी पढ़े। खुशखबरी: प्रदेश की पहली…

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जानिए चूड़धार पर्वत के इतिहास, जुड़ी मान्यताएं तथा पर्यटन की संभावनाओं के बारे में

चूड़धार पर्वत हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में स्थित है। चूड़धार पर्वत समुद्र तल से 11965 फीट(3647 मीटर) की ऊंचाई पर स्थित है । यह पर्वत सिरमौर जिले और बाहय हिमालय(Outer Himalayas) की सबसे ऊंची चोटी है। सिरमौर ,चौपाल ,शिमला, सोलन उत्तराखंड के कुछ सीमावर्ती इलाकों के लोग इस पर्वत में धार्मिक आस्था रखते हैं। चूड़धार को श्री शिरगुल महाराज का स्थान माना जाता है। यहां शिरगुल महाराज का मंदिर भी स्थित है। शिरगुल महाराज सिरमौर व चौपाल के देवता है।  चूड़धार कैसे पहुंचा जाए ? चूड़धार पर्वत तक पहुंचने…

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जानिए हिमाचल प्रदेश की पर्वत श्रृंखलाओं तथा प्रमुख दर्रो के बारे में

हिमाचल प्रदेश की समुद्र तल से ऊंचाई 350 मीटर से 7,000 मीटर के बीच के लगभग है। हिमाचल प्रदेश को तीन प्रकार की पर्वत श्रृंखलाओं में बांटा गया है। 1. निम्न पर्वत श्रेणी – इस पर्वत श्रेणी को शिवालिक पर्वत के नाम से भी जाना जाता है। शिवालिक शब्द का अर्थ है शिव की जटाएं । इस क्षेत्र की समुद्र तल से ऊंचाई 350 मीटर से 1500 मीटर तक है। प्राचीन काल में शिवालिक पर्वत को मानक पर्वत के नाम से जाना जाता था। इस क्षेत्र में औसत वार्षिक वर्षा 1500…

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पीएम मोदी ने दी हिमाचल के उद्योगों के लिए 2027 तक बड़ी छूट

केंद्र की मोदी सरकार ने हिमाचल के उद्योगों के we लिए टैक्स रियायत 10 साल के लिए बढ़ाई है। इसका फायदा प्रदेश के करीब हजार उद्योगों को मिलेगा। जिन उद्योगों को केंद्रीय आबकारी शुल्क में 31 मार्च 2017 तक छूट दी जा रही थी, जीएसटी लागू होने के बाद उन्हें सीजीएसटी और आईजीएसटी में छूट दी गई है। दैनिक समाचार पत्र अमर उजाला की खबर के अनुसार यह छूट जुलाई 2017 से मार्च 2027 तक मिलेगी। जीएसटी लागू होने के बाद जिन उद्योगों से सीजीएसटी और आईजीएसटी लिया गया है,…

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आइए जानते हैं चंबा के जोत नामक स्थान के बारे में जो किसी जन्नत से कम नहीं

जोत पहाड़ो का राजा:- अगर शिमला पहाड़ो की रानी है तो जोत पहाड़ो का राजा है। “जोत” पहाड़ी बोली का शब्द है हिंदी में इसे दर्रा और अंग्रेजी में पास कहा जाता है। हिमाचल में बहुत से दर्रे हैं परंतु जिला चम्बा में भट्टियात और चम्बा को मिलाने वाला जोत बहुत प्रसिद्ध है। हिमाचल को कुदरत ने बेपनाह खूबसूरती बख्शी है। और पहाड़ो की ऊंची चोटियों पर देवदार के वृक्षों में पड़े वर्फ़ के फाहों में जब आप मस्ती में झूम जाओ तो समझो आप हिमाचल की खूबसूरत धरती का आनंद…

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Did you know there is a Glaciological Research Centre in Spiti? Here are 7 facts about it

Image Source 1) Himansh is the Glaciological Research Centre which is situated at an altitude of nearly 13,500 feet or 4000 mtr in the Spiti Valley of Himachal Pradesh and it is consider to be the highest point from where an Indian Glacier Research Facility is functioning. 2) The Glacial Research Lab is established by the National Centre for Antarctic and Ocean Research (NCAOR). 3) The research centre is equipped with Automatic Weather Stations, Ground Penetrating Radars, Geodetic GPS systems and other technological facilities to study glaciers and their discharge.…

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Join and Support the Cleanliness drive from Koksar to Keylong

Swach Bharat” , “Swach Himalaya” , “Harit Himalaya” !! The above line suggests “Clean & Green Himalayas” which is a good step towards “Swach Bharat” which is a dream of every Indian out there and is waiting for the day when our India will be dirt free and also a least polluted country in the world. The people of Lahaul- Spiti has the same feeling towards environment and that’s why they are starting a cleanliness drive from a place called ‘Koksar’ to District Headquarter ‘Keylong’ . We are happy and…

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उत्तराखंड के इस गांव में हुआ था शिवजी और पार्वती का विवाह

त्रियुगीनारायण मंदिर के बारे में वेदों में उल्लेख भी मिलता है कि यह मंदिर त्रेतायुग से स्थापित है। माता पार्वती और भगवान शिवजी के विवाह के बारे में कई पौराणिक कथाएं हैं। ऐसी ही एक कथा उत्तराखण्ड के रूद्रप्रयाग जिले के त्रियुगीनारायण नाम के मंदिर से जुड़ी हुई है। Image Source इस मंदिर में एक ज्योति हमेशा जलती रहती है। स्थानीय लोगों की मान्यता के मुताबिक इस ज्योति के सामने ही भगवान शिवजी और माता पार्वती का विवाह हुआ था। मंदिर में जल रही इस ज्योति के बारे में कहा…

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Things to learn and share on this World Environment Day

Happy “World Environment Day” to all the living beings on the planet which we call as Mother Earth. This day is celebrated as World Environment Day across the globe. What is an Environment? Environment – The world around us,the life of all the living organisms around us comprises environment. All living beings are gifted with the beautiful environment by the almighty. We ‘Humans’ are responsible for its preservation and betterment to sustain life. But unfortunately we are affecting it adversely rather than preserving it. Some issues to be taken care…

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