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किन्नौर में 11 हजार फीट की ऊंचाई पर सड़क बनाकर भारत देगा चीन को टक्कर..

Image Source चीन सीमा से लगते हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले के अति दुर्गम क्षेत्र में एक और सड़क तैयार की जा रही है। यह सड़क चीन सीमा तक पहुंच बनाने[…]

शिमला आने वाले पर्यटकों के लिए खुशखबरी, रेलवे ने लिया यह बेहतरीन निर्णय…

Image Source Tumuskura शिमला सर्दियों का सीजन शुरू होते ही बर्फबारी को देखने शिमला आने वाले पर्यटकों का तांता लग जाता है। इस बात को ध्यान में रखते हुए  रेलवे न पर्यटकों[…]

रोहतांग दर्रा अगले साल तक गाड़ियों के लिए बंद। चंडीगढ़ में पारा गिरने की गुंजाइश..

रोहतांग दर्रे में बुधवार को इस सीजन की पहली बर्फबारी हुई, इस बर्फबारी के साथ ही अगले साल तक गाड़ियों के आने जाने के लिए रोहतांग दर्रा बंद कर दिया गया।[…]

जानिए चूड़धार पर्वत के इतिहास, जुड़ी मान्यताएं तथा पर्यटन की संभावनाओं के बारे में

चूड़धार पर्वत हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में स्थित है। चूड़धार पर्वत समुद्र तल से 11965 फीट(3647 मीटर) की ऊंचाई पर स्थित है । यह पर्वत सिरमौर जिले और बाहय हिमालय(Outer[…]

जानिए हिमाचल प्रदेश की पर्वत श्रृंखलाओं तथा प्रमुख दर्रो के बारे में

हिमाचल प्रदेश की समुद्र तल से ऊंचाई 350 मीटर से 7,000 मीटर के बीच के लगभग है। हिमाचल प्रदेश को तीन प्रकार की पर्वत श्रृंखलाओं में बांटा गया है। 1. निम्न[…]

पीएम मोदी ने दी हिमाचल के उद्योगों के लिए 2027 तक बड़ी छूट

केंद्र की मोदी सरकार ने हिमाचल के उद्योगों के we लिए टैक्स रियायत 10 साल के लिए बढ़ाई है। इसका फायदा प्रदेश के करीब हजार उद्योगों को मिलेगा। जिन उद्योगों को[…]

आइए जानते हैं चंबा के जोत नामक स्थान के बारे में जो किसी जन्नत से कम नहीं

जोत पहाड़ो का राजा:- अगर शिमला पहाड़ो की रानी है तो जोत पहाड़ो का राजा है। “जोत” पहाड़ी बोली का शब्द है हिंदी में इसे दर्रा और अंग्रेजी में पास कहा जाता[…]

Did you know there is a Glaciological Research Centre in Spiti? Here are 7 facts about it

Image Source 1) Himansh is the Glaciological Research Centre which is situated at an altitude of nearly 13,500 feet or 4000 mtr in the Spiti Valley of Himachal Pradesh and it[…]

Join and Support the Cleanliness drive from Koksar to Keylong

Swach Bharat” , “Swach Himalaya” , “Harit Himalaya” !! The above line suggests “Clean & Green Himalayas” which is a good step towards “Swach Bharat” which is a dream of every[…]

उत्तराखंड के इस गांव में हुआ था शिवजी और पार्वती का विवाह

त्रियुगीनारायण मंदिर के बारे में वेदों में उल्लेख भी मिलता है कि यह मंदिर त्रेतायुग से स्थापित है। माता पार्वती और भगवान शिवजी के विवाह के बारे में कई पौराणिक कथाएं[…]