What does it takes to become a “Lama”, The venerated masters of Buddhism…

The gurus treated by everyone with deference – Lamas or the modern day “Monks” are often considered as the people practicing esoteric traditions, but in reality they are the enlightening source to understand one’s conduct in conformity. They promulgate the level of spiritual attainment with reference to the teachings of Buddha. The custom started by a Shunyi prince who declared the first spiritual leader for lamas from Ming Dynasty inherited by 13 more and the present day leader is Tenzin Gyatso (1940) or Dalai Lama. After the death of the…

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हिमाचल के सैकड़ों शिक्षकों को नौकरी से धोना पड़ सकता है हाथ, जानिए क्या है वजह..

हिमाचल प्रदेश मेेें डीएलएड प्राइमरी स्कूल टीचरों के लिए अनिवार्य हो गया है जिससे सैकड़ों शिक्षकों के भविष्य पर खतरा मंडरा रहा है। गौरतलब रहे कि केंद्र सरकार की ओर से जारी की गई निर्धारित न्यूनतम योग्यता के लिए अध्यापकों को डीएलएड करना पड़ेगा। फिलहाल कई निजी और सरकारी स्कूल में पढ़ाने वाले शिक्षक इसे पूरा नहीं कर पा रहे हैं। Image Source डीएलएड करने के लिए योग्यता 12वी कक्षा में 50% अंक होना जरूरी है। जरूरी बात यह है  कि जो शिक्षक 30 नवंबर तक पंजीकरण नहीं करवाएंगे वह…

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Who were the richest people of all Time?

In this 21st Century, most of us are well aware of the fact that Bill Gates is the richest man on the planet. His company, Microsoft is one of the biggest tech giant in the world and its success made him that rich. His net worth is approximately $88.9 billion. It is hard to imagine that people who are now just part of our history books were way more richer then the richest planet in the world today. So, today we will discuss “Who were the richest people of all…

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जानिए चूड़धार पर्वत के इतिहास, जुड़ी मान्यताएं तथा पर्यटन की संभावनाओं के बारे में

चूड़धार पर्वत हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में स्थित है। चूड़धार पर्वत समुद्र तल से 11965 फीट(3647 मीटर) की ऊंचाई पर स्थित है । यह पर्वत सिरमौर जिले और बाहय हिमालय(Outer Himalayas) की सबसे ऊंची चोटी है। सिरमौर ,चौपाल ,शिमला, सोलन उत्तराखंड के कुछ सीमावर्ती इलाकों के लोग इस पर्वत में धार्मिक आस्था रखते हैं। चूड़धार को श्री शिरगुल महाराज का स्थान माना जाता है। यहां शिरगुल महाराज का मंदिर भी स्थित है। शिरगुल महाराज सिरमौर व चौपाल के देवता है।  चूड़धार कैसे पहुंचा जाए ? चूड़धार पर्वत तक पहुंचने…

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कांगड़ा जिले के इतिहास तथा वर्तमान पर एक नजर

कांगड़ा जिले का मुख्यालय धर्मशाला है। जिसकी समुद्र तल से ऊंचाई 1597 मीटर है। इसका क्षेत्रफल 5739 वर्ग किलोमीटर है। जनसंख्या के हिसाब से कांगड़ा हिमाचल प्रदेश का सबसे बड़ा जिला है| कांगड़ा जिले के कुछ आंकड़े: जनसंख्या 15,07,223 लिंग अनुपात 1013 जनसंख्या घनत्व 263 साक्षरता दर 86% कांगड़ा का इतिहास कांगड़ा को पुराने समय मे त्रिगर्त नाम से जाना जाता था। यह हिमाचल की सबसे पुरानी रियासत थी जिसकी राजधानी नगरकोट थी। त्रिगर्त रियासत की स्थापना सुशर्माचंद्र ने की थी। सुशर्माचंद्र ने ही नगरकोट किले का निर्माण करवाया था।…

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जानिए हिमाचल प्रदेश की पर्वत श्रृंखलाओं तथा प्रमुख दर्रो के बारे में

हिमाचल प्रदेश की समुद्र तल से ऊंचाई 350 मीटर से 7,000 मीटर के बीच के लगभग है। हिमाचल प्रदेश को तीन प्रकार की पर्वत श्रृंखलाओं में बांटा गया है। 1. निम्न पर्वत श्रेणी – इस पर्वत श्रेणी को शिवालिक पर्वत के नाम से भी जाना जाता है। शिवालिक शब्द का अर्थ है शिव की जटाएं । इस क्षेत्र की समुद्र तल से ऊंचाई 350 मीटर से 1500 मीटर तक है। प्राचीन काल में शिवालिक पर्वत को मानक पर्वत के नाम से जाना जाता था। इस क्षेत्र में औसत वार्षिक वर्षा 1500…

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