शिमला आने वाले पर्यटकों के लिए खुशखबरी, रेलवे ने लिया यह बेहतरीन निर्णय…

Image Source Tumuskura शिमला सर्दियों का सीजन शुरू होते ही बर्फबारी को देखने शिमला आने वाले पर्यटकों का तांता लग जाता है। इस बात को ध्यान में रखते हुए  रेलवे न पर्यटकों को खास तोफा दिया है। उत्तर रेलवेे अब पर्यटकों के लिए 2 नई ट्रेनें चलाएगा। इस खबर की पुष्टि उत्तर रेलवे के सोलन रेलवे स्टेशन मास्टर कमलेश चंद्र ने की है। स्टेशन मास्टर कमलेश चंद्र ने बताया कि यह 2 विशेष ट्रेन दिसंबर और जनवरी माह के बीच चलेगी। उन्होंने कहा कि करीब 15 दिसंबर से दोनों ट्रेनें सुचारू…

Read More

खुशखबरी: प्रदेश की पहली इलेक्ट्रिक बस ने पूरा किया अपना पहला कमर्शियल रन

एचआरटीसी की इलेक्ट्रिक बस ने 13 नवंबर को अपना पहला कमर्शियल रन मनाली से रोहतांग तक तय किया। हालांकि अक्टूबर में कुल्लू दशहरा से पहले ही जी. एस. बाली द्वारा इस सेवा को हरी झंडी दिखाई गई थी। यह कदम वातावरण में पेट्रोल तथा डीजल के धूएं की मात्रा में कमी लाने के लिए किया गया है। इन बसों के संचालन से उन लोगों को भी राहत मिलेगी जिन्हें अपनी गाड़ियों को रोहतांग ले जाने के लिए परमिट लेना पड़ता था। बाली जी ने कहा कि एचआरटीसी आने वाले दिनों में…

Read More

जानिए चूड़धार पर्वत के इतिहास, जुड़ी मान्यताएं तथा पर्यटन की संभावनाओं के बारे में

चूड़धार पर्वत हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में स्थित है। चूड़धार पर्वत समुद्र तल से 11965 फीट(3647 मीटर) की ऊंचाई पर स्थित है । यह पर्वत सिरमौर जिले और बाहय हिमालय(Outer Himalayas) की सबसे ऊंची चोटी है। सिरमौर ,चौपाल ,शिमला, सोलन उत्तराखंड के कुछ सीमावर्ती इलाकों के लोग इस पर्वत में धार्मिक आस्था रखते हैं। चूड़धार को श्री शिरगुल महाराज का स्थान माना जाता है। यहां शिरगुल महाराज का मंदिर भी स्थित है। शिरगुल महाराज सिरमौर व चौपाल के देवता है।  चूड़धार कैसे पहुंचा जाए ? चूड़धार पर्वत तक पहुंचने…

Read More

कांगड़ा जिले के इतिहास तथा वर्तमान पर एक नजर

कांगड़ा जिले का मुख्यालय धर्मशाला है। जिसकी समुद्र तल से ऊंचाई 1597 मीटर है। इसका क्षेत्रफल 5739 वर्ग किलोमीटर है। जनसंख्या के हिसाब से कांगड़ा हिमाचल प्रदेश का सबसे बड़ा जिला है| कांगड़ा जिले के कुछ आंकड़े: जनसंख्या 15,07,223 लिंग अनुपात 1013 जनसंख्या घनत्व 263 साक्षरता दर 86% कांगड़ा का इतिहास कांगड़ा को पुराने समय मे त्रिगर्त नाम से जाना जाता था। यह हिमाचल की सबसे पुरानी रियासत थी जिसकी राजधानी नगरकोट थी। त्रिगर्त रियासत की स्थापना सुशर्माचंद्र ने की थी। सुशर्माचंद्र ने ही नगरकोट किले का निर्माण करवाया था।…

Read More

खुशखबरी: हिमाचल प्रदेश में दौड़ेंगी नई 50 छोटी इलेक्ट्रिक कैब

हिमाचल प्रदेश में अब eco friendly  छोटे वाहन दौड़ेंगे। परिवहन निगम 50 छोटे इलेक्ट्रॉनिक वाहन खरीदने जा रहा है। ये जानकारी परिवहन मंत्री जीएस बाली ने दी। image source 8 सीटर ये छोटे वाहन शिमला, धर्मशाला समेत कई अन्य स्थानों पर दौड़ेंगे। शिमला में परिवहन निगम की बीओडी की बैठक में इसे हरी झंडी दे दी गई है। परिवहन मंत्री जीएस बाली ने बैठक के बाद इलेक्ट्रिक बसे खरीदने की घोषणा की। image source इन छोटे 50 इलेक्ट्रिक वाहनों की डिलीवरी डेढ़ माह में हो जाएगी। ये वाहन महिंद्रा एंड…

Read More

Did you know there is a Glaciological Research Centre in Spiti? Here are 7 facts about it

Image Source 1) Himansh is the Glaciological Research Centre which is situated at an altitude of nearly 13,500 feet or 4000 mtr in the Spiti Valley of Himachal Pradesh and it is consider to be the highest point from where an Indian Glacier Research Facility is functioning. 2) The Glacial Research Lab is established by the National Centre for Antarctic and Ocean Research (NCAOR). 3) The research centre is equipped with Automatic Weather Stations, Ground Penetrating Radars, Geodetic GPS systems and other technological facilities to study glaciers and their discharge.…

Read More

7 reasons why you must consider taking a bath in a hot spring

According to Wikipedia, a hot spring is a spring produced by the emergence of geothermal heated groundwater that rises from the earth’s crust. There are geothermal hot springs in many locations all over the crust of the earth. While some of these springs contain water that is a safe temperature for bathing, others are so hot that immersion can result in injury or death. Iceland, famous for its hot spring has harnessed this natural phenomena into a major source of energy and they produce good amount of electricity on top of…

Read More

हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड लगाएगा इको फ्रेंडली पावर प्रोजेक्ट

Image source हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड प्रकृति को बिना नुकसान पहुंचाए पावर प्रोजेक्ट लगाने की योजना तैयार कर रहा है| इस योजना के तेहत ना तो बड़ी-बड़ी अंडरग्राउंड टनल बनाई जाएंगी और ना ही बड़े बड़े बांध बनाने की जरूरत पड़ेगी| इन प्रोजेक्टो से करीब 300 मेगावाट बिजली बनाने का लक्ष्य रखा गया है|पायलट आधार पर 18 मेगा वाट का रायसेन प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा| Image source इन प्रोजेक्टों की खास बात यह है कि इनके निर्माण में बहुत कम लागत आएगी|यह प्रोजेक्ट नदियों की बीच प्राकृतिक रूप से बने…

Read More