fbpx

Category Archives: Eco Friendly

When we talk about tourism, we mostly see it as a thing which is full of positives. We see it as something which brings prosperity to a place. Something which provides locals with an opportunity to earn money and sustain and support their livelihood. When we see it from a traveler’s perspective we focus on them being able to experience a new place which they don’t usually get to see often. We normally think that it is a win-win situation for everyone involved. However, it is not the whole image. With several pros, it also brings tons of cons too. Cons, if we had to discuss are such as polluting the environment, ruining the normal lifestyle and traditions of a place and a run for the unsatisfying amount of money which never seems to be enough. You ask why do I say that? Okay, let me break it down for…

Read more

राष्ट्रीय हरित अधिकरण(NGT) ने पिछले कल हिमाचल प्रदेश के कुल्लू और मनाली शहर में 1700 से अधिक होटल, लॉज और होमस्टेस का निरीक्षण करने के लिए एक समिति की स्थापना की। एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता में राज्य पर्यटन विभाग और हिमाचल राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी, शिमला स्थित हिमालयी अध्ययन संस्थान, कुल्लू और मनाली के एसडीएम और आबकारी विभाग के एक प्रतिनिधि से वरिष्ठ समिति का गठन किया। “उपरोक्त समिति अगले हफ्ते सोमवार से जांच शुरू कर देगी और सभी होटल, लॉज और होमस्टेस का निरीक्षण करेगी। बेंच ने कहा, “हालांकि वे ऐसे पहले होटलों के साथ आगे बढ़ेंगे जिनमें किसी भी श्रेणी में 25 से अधिक कमरे हैं।” ग्रीन पैनल ने पैनल को निर्देश दिया कि वे संयुक्त निरीक्षण करें और पानी के स्रोत, ठोस कचरे के प्रबंधन, सीवेज उपचार संयंत्र, बिजली के स्रोत और बिजली के उत्पादन के बारे में एक व्यापक रिपोर्ट जमा…

Read more

Woodscation is a brainchild of Baljeet Bhayana &  Harmanpreet singh. They started Woodcation because of their love for Himalayas and also for their passion of venturing into unexplored places.  Woodscation is a company working towards promotion of tourism in remote and unexplored regions with social objective of nature preserve (like to Travel and Volunteer ? Fill the form at the bottom) They organise treks to untouched beautiful valleys of Dhauladhar ranges. Which include treks like Nagdal, Kareri lake,Lumdal lake,Kalikund etc. which are surrounded with spectacular unobtructed view of the mountain ranges at altitude of above 5000m approximately  (8848 m is mountain Everest) with far-flung, snow-clad,dome-like enchanting peaks for the ones who wish to experience the true essence of  travelling with adventure. Woodscation is recently organising treks to a perfect elliptical glacial lake know as Kareri lake starting from 1st December to 3rd December followed by every weekend ending 17th December. What…

Read more

Image Source Tumuskura शिमला सर्दियों का सीजन शुरू होते ही बर्फबारी को देखने शिमला आने वाले पर्यटकों का तांता लग जाता है। इस बात को ध्यान में रखते हुए  रेलवे न पर्यटकों को खास तोफा दिया है। उत्तर रेलवेे अब पर्यटकों के लिए 2 नई ट्रेनें चलाएगा। इस खबर की पुष्टि उत्तर रेलवे के सोलन रेलवे स्टेशन मास्टर कमलेश चंद्र ने की है। स्टेशन मास्टर कमलेश चंद्र ने बताया कि यह 2 विशेष ट्रेन दिसंबर और जनवरी माह के बीच चलेगी। उन्होंने कहा कि करीब 15 दिसंबर से दोनों ट्रेनें सुचारू रूप से शुरू हो जाएंगी। Image Source हॉलीडे स्पेशल नाम से चलने वाली इन ट्रेनों क चलनेे के बाद शिमला -कालका रेलवे ट्रेक पर चलने वाली रेल गाड़ियों की संख्या 6 बढ़कर 8 हो जाएगी। जैसे ही  रेलगाड़ियों की संख्या में बढ़ोत्तरी होगी, वैसे वैसे इनके आवागमन के समय में भी बदलाव किए जाएंगे। Image Source गौरतलब है कि इस…

Read more

एचआरटीसी की इलेक्ट्रिक बस ने 13 नवंबर को अपना पहला कमर्शियल रन मनाली से रोहतांग तक तय किया। हालांकि अक्टूबर में कुल्लू दशहरा से पहले ही जी. एस. बाली द्वारा इस सेवा को हरी झंडी दिखाई गई थी। यह कदम वातावरण में पेट्रोल तथा डीजल के धूएं की मात्रा में कमी लाने के लिए किया गया है। इन बसों के संचालन से उन लोगों को भी राहत मिलेगी जिन्हें अपनी गाड़ियों को रोहतांग ले जाने के लिए परमिट लेना पड़ता था। बाली जी ने कहा कि एचआरटीसी आने वाले दिनों में कुल्लू में 10 वाहन मुहैया कराएगी तथा उसके बाद यह सेवा दूसरे क्षेत्रों में भी शुरू होगी।उन्होंने कुल्लू में 30 करोड़ से बनने वाले नये बस अड्डे की नींव भी रखी। लगातार समाचार पाने के लिए हमारे facebook group onehimachal से जुड़िए । हिमाचल प्रदेश की सरकारी ऑपरेटर एचआरटीसी अब पहाड़ी राज्यो में प्रथम है जिसके पास इलेक्ट्रिक बस है और…

Read more

चूड़धार पर्वत हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में स्थित है। चूड़धार पर्वत समुद्र तल से 11965 फीट(3647 मीटर) की ऊंचाई पर स्थित है । यह पर्वत सिरमौर जिले और बाहय हिमालय(Outer Himalayas) की सबसे ऊंची चोटी है। सिरमौर ,चौपाल ,शिमला, सोलन उत्तराखंड के कुछ सीमावर्ती इलाकों के लोग इस पर्वत में धार्मिक आस्था रखते हैं। चूड़धार को श्री शिरगुल महाराज का स्थान माना जाता है। यहां शिरगुल महाराज का मंदिर भी स्थित है। शिरगुल महाराज सिरमौर व चौपाल के देवता है।  चूड़धार कैसे पहुंचा जाए ? चूड़धार पर्वत तक पहुंचने के दो रास्ते हैं। मुख्य रास्ता नौराधार से होकर जाता है तथा यहां से चूड़धार 14 किलोमीटर है। दूसरा रास्ता सराहन चौपाल से होकर गुजरता है। यहां से चूड़धार 6 किलोमीटर है। मंदिर से जुड़ी मान्यता इस मंदिर के बनने के पीछे एक पुराणिक कहानी जुड़ी है‌। मान्यता है कि एक बार चूरू नाम का शिव भक्त, अपने पुत्र के…

Read more

कांगड़ा जिले का मुख्यालय धर्मशाला है। जिसकी समुद्र तल से ऊंचाई 1597 मीटर है। इसका क्षेत्रफल 5739 वर्ग किलोमीटर है। जनसंख्या के हिसाब से कांगड़ा हिमाचल प्रदेश का सबसे बड़ा जिला है| कांगड़ा जिले के कुछ आंकड़े: जनसंख्या 15,07,223 लिंग अनुपात 1013 जनसंख्या घनत्व 263 साक्षरता दर 86% कांगड़ा का इतिहास कांगड़ा को पुराने समय मे त्रिगर्त नाम से जाना जाता था। यह हिमाचल की सबसे पुरानी रियासत थी जिसकी राजधानी नगरकोट थी। त्रिगर्त रियासत की स्थापना सुशर्माचंद्र ने की थी। सुशर्माचंद्र ने ही नगरकोट किले का निर्माण करवाया था। त्रिगर्त रियासत पर काफी आक्रमण भी हुए जो इस प्रकार है: 1009ई. में महमूद गजनबी ने आक्रमण किया। 1337ई. में मोहम्मद बिन तुगलक ने आक्रमण किया। 1365ई. में फिरोजशाह तुगलक ने आक्रमण किया।1540ई. मे शेरशाह सूरी ने आक्रमण किया और 1620ई. मे जहांगीर ने कांगड़ा के किले पर आक्रमण किया। 1809 में संसारचंद और महाराजा रणजीत सिंह के बीच ज्वालामुखी संधि…

Read more

हिमाचल प्रदेश में अब eco friendly  छोटे वाहन दौड़ेंगे। परिवहन निगम 50 छोटे इलेक्ट्रॉनिक वाहन खरीदने जा रहा है। ये जानकारी परिवहन मंत्री जीएस बाली ने दी। image source 8 सीटर ये छोटे वाहन शिमला, धर्मशाला समेत कई अन्य स्थानों पर दौड़ेंगे। शिमला में परिवहन निगम की बीओडी की बैठक में इसे हरी झंडी दे दी गई है। परिवहन मंत्री जीएस बाली ने बैठक के बाद इलेक्ट्रिक बसे खरीदने की घोषणा की। image source इन छोटे 50 इलेक्ट्रिक वाहनों की डिलीवरी डेढ़ माह में हो जाएगी। ये वाहन महिंद्रा एंड महिंद्रा से लिए जा रहे हैं। उन्होन कहा बाद में इन वाहनों का रोहतांग में भी ट्रायल किया जाएगा। परिवहन निगम ने निगम में करीब 1500 टीएमपीए को रोजगार दिया जाएगा। इसके लिए जल्द ही आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। परिवहन मंत्री जीएस बाली ने कहा कि निगम में दो हजार टीएमपीए की कमी है और इस कमी…

Read more

Image Source 1) Himansh is the Glaciological Research Centre which is situated at an altitude of nearly 13,500 feet or 4000 mtr in the Spiti Valley of Himachal Pradesh and it is consider to be the highest point from where an Indian Glacier Research Facility is functioning. 2) The Glacial Research Lab is established by the National Centre for Antarctic and Ocean Research (NCAOR). 3) The research centre is equipped with Automatic Weather Stations, Ground Penetrating Radars, Geodetic GPS systems and other technological facilities to study glaciers and their discharge. Image Source 4) The NCAOR will be serving as the base for Terrestrial Laser Scanners and Unmanned Aerial Vehicles to Digitise Glacier Movements and Snow Cover Variations. 5) The Digital Satellite Phone Terminal System established in the Himansh is the only communication link to the outer world. As Himansh is situated at very tough terrain with rough weather marked by…

Read more

According to Wikipedia, a hot spring is a spring produced by the emergence of geothermal heated groundwater that rises from the earth’s crust. There are geothermal hot springs in many locations all over the crust of the earth. While some of these springs contain water that is a safe temperature for bathing, others are so hot that immersion can result in injury or death. Iceland, famous for its hot spring has harnessed this natural phenomena into a major source of energy and they produce good amount of electricity on top of it. In India, we have considerable number of hot springs especially in the state of Himachal Pradesh. We have 5 well known hot springs, located at Manikaran, Tattapani, Kasol, Vashisht and Kheerganga. So lets talk about “7 reasons why you must consider taking a bath in a hot spring” Image Source 1)The hot springs improves blood circulation in the body…

Read more

10/11