रक्षाबंधन से जुड़ी 6 ऐतिहासिक तथा पौराणिक कथाएं जो शायद आपको मालूम ना हो

रक्षाबंधन या राखी एक हिंदू त्योहार है जो भारतीय उपमहाद्वीप के कई हिस्सों में मनाया जाता है, विशेषकर भारत और नेपाल में। रक्षाबंधन का अर्थ है “सुरक्षा का बंधन“। यह हिंदू कैलेंडर में श्रावण मास के पूर्णिमा दिवस पर मनाया जाता है, जो आमतौर पर ग्रेगोरी कैलेंडर के अगस्त माह में पड़ता है। यह त्योहार भाइयों और बहनों के बीच प्रेम और कर्तव्य को मनाता है। रक्षाबंधन पर, एक बहन अपनी समृद्धि और खुशी की प्रार्थना के साथ अपने भाई की कलाई पर एक राखी (पवित्र धागे) को बांधती है। यह बहन के प्यार का प्रतीक है तथा भाई उसे बदलें में एक उपहार और उसे सुरक्षित रखने का वादा देता है। चलिए अब बात करते हैं रक्षाबंधन से जुड़ी 6 ऐतिहासिक तथा पौराणिक कथाएं जो शायद आपको मालूम ना हो

1. हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, इंद्राणी जो भगवान इंद्र की पत्नी थी ने जब इंद्र राक्षसों से लड़ने जा रहे थे तो उनकी कलाई के चारों ओर एक धागा बांधा था। धीरे-धीरे, रिश्ते का महत्व बदल गया और धागे को एक बहन उसके भाई की कलाई से बांधने लगी।

रक्षाबंधन से जुड़ी 6 ऐतिहासिक तथा पौराणिक कथाएं
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2. जब भगवान गणेश के पुत्रों, शुभ और लाभ ने गणेश को अपनी बहन के द्वारा एक राखी बांधते देखा, तो उन्होंने उनसे एक बहन के लिए ख्वाइश जाहिर की ताकि वे रक्षा बंधन का त्योहार मना सकें। भगवान गणेश ने उनकी इच्छा मंजूर की और आग से एक बेटी बनाई, जो संतोषी मा के रूप में जानी जाने लगी।

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3. यह माना जाता है कि भगवान विष्णु ने दानव राजा बाली को वरदान दिया कि वह उसके महल में रहेंगे, लेकिन देवी लक्ष्मी ऐसा नहीं करना चाहती थे। उसने बाली को एक राखी बांधकर यह मांगा की उसे भगवान विष्णु को बदले में छोड़ने की अनुमति देनी होगी।

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4. एक पतंग उड़ाते समय भगवान कृष्ण का हाथ कट गया था। द्रौपदी ने तुरंत अपनी साड़ी के कपड़े का एक टुकड़ा फाड़ दिया और उनके हाथ में बांध दिया। बदले में, भगवान कृष्ण ने द्रौपदी की रक्षा करने का वादा किया और उन्होंने यह उनके चिरहरन के दौरान किया था।

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5. ऐसा कहा जाता है कि चित्तौड़ की रानी कर्णावती ने सम्राट हुमायूं को एक राखी भेजी थी ताकि वह हुमायूं की मदद से अपने राज्य की सुरक्षा कर पाती क्योंकि गुजरात के सुल्तान बहादुर शाह ने हमला कर दिया था। हुमायूं उनकी मदद करने के लिए आए लेकिन बहुत देर हो गई थी। रानी ने जौहर के माध्यम से अपना जीवन समाप्त कर दिया था पर हुमायूं ने बहादुर शाह को हराकर रानी के बेटे को राज्य वापिस दिलाया।

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6. ऐसा कहा जाता है कि राजा पोरस ने युद्ध के मैदान में सिकंदर को मारने से रुक गए थे क्योंकि सिकंदर की पत्नी ने पोरस को एक राखी भेजी थी।

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यह थी रक्षाबंधन से जुड़ी 6 ऐतिहासिक तथा पौराणिक कथाएं जो शायद आपको मालूम ना हो।हमें उम्मीद है कि आपको यह लेख पसंद आया होगा। रक्षाबंधन की आपको हार्दिक शुभकामनाएं।

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