अगर चुनाव में हुई कांग्रेस पार्टी की हार तो यह 4 बातें बनेंगी कारण। पढ़िए पूरी ख़बर..

अभी तक आए सभी सर्वे से ऐसा प्रतीत हो रहा है कि भाजपा सरकार बनाएगी तथा आसानी से बहुमत प्राप्त कर लेगी। इसी बीच हम विश्लेषण कर रहे हैं कि अगर कांग्रेस पार्टी हार का सामना करती तो उसके पीछे यह 4 कारण जरूर होंगे।

1. चुनाव प्रचार में कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी का नाम मात्र योगदान होना।

कांग्रेस पार्टी की हार

चुनाव प्रचार में वीरभद्र सिंह जिनकी उम्र 83 साल है ने अकेले ही प्रदेश भर में रैलियों के द्वारा चुनाव में जीतने की उम्मीद से संघर्ष किया। जहां पर बीजेपी ने अपने प्रचारकों की फेहरिस्त में कई बड़े नाम शामिल किए जिसमें यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ , अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल है वहीं कांग्रेस पार्टी ने प्रचार में कुछ खास दम नहीं दिखाया। राहुल गांधी जो कि कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं की अनुपस्थिति से प्रचार में काफी नुकसान पहुंचा है।


2. कांग्रेस पार्टी का वीरभद्र सिंह पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण उनसे दूरी बनाए रखना।

कांग्रेस पार्टी की हार
Virbhadra Singh

वीरभद्र सिंह तथा उनका परिवार शुरूआत से ही कहता रहा कि यह सब उनके खिलाफ षड्यंत्र रचा गया है वो भी सिर्फ आपसी प्रतिषोध के कारण। प्रवर्तन निदेशालय ने जब वीरभद्र सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार का केस दर्ज किया तब बीजेपी पार्टी ने वीरभद्र सिंह के इस्तीफे की मांग की थी, लेकिन वीरभद्र सिंह पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों पर कांग्रेस ने चुप्पी साधे रखी। इसका एक कारण यह भी हो सकता है कि कांग्रेस पार्टी के पास वीरभद्र के अलावा कोई और बेहतर उम्मीदवार नहीं था। बाकी कोटखाई केस जेसे पेचीदा मामले की कारवाई में दिखाई गई लापरवाही से भी शायद कांग्रेस पार्टी ने महिलाओं तथा युवाओं के काफी वोट गवांए होंगे।

3. कहने के लिए हिमाचल प्रदेश शिक्षा में अव्वल श्रेणी का राज्य है पर रोजगार के अवसरों में भारी कमी

कांग्रेस पार्टी की हार

हिमाचल प्रदेश को शिक्षा हब के नाम से जाना जाता है तथा इस क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश ने बहुत से राष्ट्रीय पुरस्कार जीते है। हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले को शिक्षा हब के नाम पर शिक्षा संस्थान और निजी विश्वविद्यालय खोले गए है। लेकिन पिछले 5 सालो में लोगों को रोजगार के लिए बाहरी इलाकों का रुख करना पड़ा। 5 सालो में रोजगार के लिए सरकार ने उचित कदम नहीं उठा पाई।


4. सेब के व्यापार का फ्लोप होना

कांग्रेस पार्टी की हार

हिमाचल जैसे राज्य में जहां लाखो लोग का रोजगार सेब कि फसल पर निर्भर करता है। वहां वीरभद्र सिंह की कांग्रेस सरकार में पिछले 5 साल में सेब कि फसल का अधिकतम व्यापार मूल्य (MSP) में 0.25 पैसे की वृद्धि दर्ज की गई।

अब देखना होगा कि 18 दिसंबर को आने वाले चुनाव परिणाम में क्या कांग्रेस पार्टी हार का मुंह देखती है या फिर विजयी रथ पर सवार होकर अपनी अगली पारी की शुरूआत करती है।



इस विषय पर Quint ने एक विडियो भी जारी किया है जिसे देखने के लिए निचे क्लिक करें ⬇️

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