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इजरायल में विकसित अत्याधुनिक तकनीक से होगी भारतीय सीमाओं की हिफाज़त

इजरायल में विकसित अत्याधुनिक तकनीक से होगी भारतीय सीमाओं की हिफाज़त

भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर घुसपैठ रोकने के लिए जम्मू-कश्मीर में खास तकनीक का सहारा लिया जाएगा। सीमापार से होने वाली घुसपैठ से आने वाले आतंकवादियों के भारत में कदम रखते ही उनके लिए आफत आ जाएगी। दरअसल भारत बार्डर पर इजरायल में विकसित अत्याधुनिक बाड़ प्रणाली तैनात करने जा रहा है।

इजरायल में विकसित अत्याधुनिक तकनीक से होगी भारतीय सीमाओं की हिफाज़त

इस आधुनिक भारत प्रणाली में खुफिया सीसीटीवी कैमरों से संचालित कंट्रोल रूम के जरिये घुसपैठ की किसी भी कोशिश पर अलार्म बजा कर त्वरित कार्रवाई दस्ते (क्यूआरटी)Quick Response Team को सक्रिय कर दिया जाएगा। यह दस्ता घुसपैठिए का काम तमाम करने के जरा भी देर नहीं लगाएंगे।

इजरायल में विकसित अत्याधुनिक तकनीक से होगी भारतीय सीमाओं की हिफाज़त

QRT( Quick Response Team)दस्ते में आतंकियों को ठिकाने लगाने का जिम्मा BSF (Border Security Force)के पास होगा।

इजरायल में विकसित अत्याधुनिक तकनीक से होगी भारतीय सीमाओं की हिफाज़त

PM MODI बॉर्डर को पूरी तरह सील करना चाहते हैं। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के महानिदेशक केके शर्मा ने ने बताया कि बीएसएफ पाक से लगी सीमा पर महत्वाकांक्षी परियोजना कांप्रीहेंसिव इंटीग्रेटेड बार्डर मैनेजमेंट सिस्टम (सीआइबीएमएस) तैनात करने जा रहा है।
भारत-पाकिस्तान और भारत-बांग्लादेश सीमा पूरी तरह सील करने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा के अनुसार इस कदम उठाया जा रहा है।

इजरायल में विकसित अत्याधुनिक तकनीक से होगी भारतीय सीमाओं की हिफाज़त

अगले कुछ वर्षो में दोनों देशों से लगी सीमा को पूरी तरह सील कर दिया जाएगा। पाकिस्तान और बांग्लादेश से लगती भारत की लगभग 6,300 किमी लंबी सीमा की रखवाली और सुरक्षा बीएसएफ करती है।

इस परियोजना के बाद पंजाब-गुजरात बॉर्डर पर भी होगा ऐसा ही इंतजाम के शर्मा ने बताया, ‘नई निगरानी प्रणाली से सीमा सुरक्षा संबंधी हमारे अभियान में व्यापक बदलाव आएगा। अभी हम बार्डर पर प्वाइंट ए से बी तक गश्त करते हैं। अब हम त्वरित कार्रवाई दस्ता (क्यूआरटी) आधारित निगरानी सिस्टम की ओर शिफ्ट करने जा रहे हैं।

इजरायल में विकसित अत्याधुनिक तकनीक से होगी भारतीय सीमाओं की हिफाज़त

बीएसएफ DGP के अनुसार, ‘इस आधुनिक प्रणाली को पहले भारत-पाक सीमा लगाया जाऐगा और बाद में बांग्लादेश से सटी सीमा पर तैनात किया जाएगा। पाकिस्तान के साथ लगती सीमा से आतंकवाद को खत्म करने के लिए तथा बांग्लादेश से आने वाले अवैध शरणार्थीओ की संख्या पर लगाम लगाने के लिए यह कदम उठाया जाएगा।

शर्मा ने यह भी कहा कि अभी जम्मू के पांच किमी क्षेत्र में इस प्रणाली को तैनात किया गया है। इसके बाद पंजाब और गुजरात से लगती सीमा पर इसकी तैनाती होगी। बाद में त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल और असम में भी यह काम करने लगेगी।

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